ट्रेंट ब्रिज में मैच के चौथे दिन अगर सबसे ज्यादा किसी को याद रखा जाएगा तो वो हैं आदिल राशिद.9वें नंबर पर बैटिंग करने आए राशिद मैच को पांचवें दिन तक ले गए. 55 गेंदों पर 30 रन बनाकर ये खिलाड़ी नाबाद रहा. साथ में जेम्स एंडरसन भी हैं. इंडिया के लिहाज से ये वो कहावत है कि हाथी निकल गया मगर दुम रह गई. मगर मैच कौ चौथा दिन दो और लोगों लोगों के नाम रहा. पहला जोस बटलर और दूसरा जसप्रीत बुमराह. बटलर ने इंडिया की जीत को शाम तक टाला जिसे राशिद ने अगले दिन तक खींच लिया. मगर जसप्रीत बुमराह के 5 विकेट को भी याद रखने की जरूरत है.
इंग्लैंड के चार विकेट 62 के स्कोर पर दिन के पहले ही सेशन में गिर गए थे. मगर यहां एंट्री जोस बटलर और बेन स्टोक्स ही हुई और दोनों ऐसे टिके कि मैच को आखिरी सेशन तक ले गए. बटलर ने शानदार 106 रन मारे और इस दौरान 21 चौके भी जड़े. एक वक्त तक लगता रहा कि ये मैच इंग्लैंड ड्रॉ की तरफ ले जा सकता है क्योंकि बटलर के साथ बेन स्टोक्स भी टिक गए थे. ये बटलर का पहला टेस्ट शतक है जो उस वक्त आया जिसकी टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी. वहीं स्टोक्स ने भी 62 रन बनाए. अभी इंग्लैंड का स्कोर 311/9 है.
यहां आखिरी सेशन में जब नई बॉल आई. कोहली ने गेंद दी बुमराह को. जसप्रीत बुमराह ने क्या शानदार ओवर फेंका. बटलर को एलबीडब्ल्यू किया. यहां से मैच पूरी तरह पलट गया. इन दोनों के बीच 169 रनों की साझेदारी हो गई थी. मगर अगली ही गेंद पर जेम्स बेयरस्टो को बुमराह ने बोल्ड मारा. इसके बाद एक ओवर छोड़ कर क्रिस वोक्स को ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट करवा दिया. इंग्लैंड का अगला विकेट भी गिर ही गया था और बुमराह ने पारी में 5 विकेट लेने की बधाइयां भी ले लीं थी. मगर ये नो बॉल निकली. बुमराह का पैर लाइन से एक सेंटीमीटर के करीब बाहर था. मगर जब स्टुअर्ट ब्रॉर्ड और आदिल राशिद की 50 से ज्यादा रनों की पार्टनरशिप हो गई तो भी बुमराह ही वापस आए और ब्रॉर्ड को आउट कर इंग्लैंड का नौवां विकेट गिराया. यहां बुमराह ने 5 विकेट पूरे किए.
चौथे दिन जसप्रीत बुमराह का ये
स्पेल हार्दिक पंड्या के दूसरे दिन के स्पेल जैसा था. बुमराह ने नई गेंद से
फुर्ती में विकेट निकाले जिसकी टीम को जरूरत थी. बुमराह का ये लगातार
दूसरा 5 विकेट हॉल है. पिछला साउथ अफ्रीका के खिलाफ इसी साल लिया था. अब
पांचवें दिन टीम इंडिया सिर्फ एक विकेट लेने के लिए मैदान पर उतरेगी.शेखर कपूर ने बीते दिनों एक वृद्धा की तस्वीर
ट्विटर पर शेयर करते हुए ऐसा लिखा. एक नज़र देखकर लगता है कि कौन ये औरत और
इसके पास कोई स्टार क्यों जाएगा. क्या वो कोई सिद्ध औरत है, कोई ज्योतिषी
या कोई गुड लक लाने वाली औरत है? असल में नहीं. ये महज एक चाय वाली है.
जिसका छोटा सा खोखा देखकर लगता है कि उसके पास उतने पैसे भी नहीं होंगे
जितने किसी मशहूर चाय वाले के पास होते हैं.
शेखर कपूर ने ट्वीट में लिखा कि ये औरत
100 साल की है. और जाने कबसे चाय पिला रही है. यहां तक कि उन्होंने नेहरू
को भी चाय पिलाई है. एक ऐसा वाकया जिसे याद करते हए हरदी बाई की आंखें चमक
उठती हैं.हरदी बाई रैकवार खजूराहो के पश्चिमी मंदिर समूह के पास एसबीआई बैंक के सामने झोपड़ी बनाकर रहती हैं. कई साल पहले इनके पति की मौत हो गई थी. जिसके बाद इनके पास कमाई का कोई जरिया नहीं था. तो इन्होंने वहीं पे चाय कि दुकान खोल ली. शेखर कपूर और जैकी श्रॉफ की मानें तो आज भी इनके हाथों में जादू है. इनके हाथों की चाय कि लज्ज़त ही और है!
कहते हैं मुंबई संघर्षों का शहर है. यहां जितने सपने सच होते हैं, उसके सौ गुना रोज मरते हैं. ये आश्चर्य की बात नहीं कि सालों-साल इंडस्ट्री में मेहनत कर स्टार बनने वाले एक सादगी से भरी 100 साल की बुढ़िया के पास मन की राहत पाते हैं.
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