Thursday, December 20, 2018

تطبيق "تمبلر" يعود إلى متجر أبل بعد حظر المحتوى الإباحي

ونظرا لأنها أصغر مصاب بالوباء حظيت باهتمام كبير من قبل الأطباء والمتطوعين هناك.
وأصبحت الطفلة تعرف باسم "معجزة بيني".

 الإيبولا مرض فيروسي يقتل 50 في المائة من الناس الذي يصابون بالعدوى.

وتظهر الأعراض الأولية للمرض في صورة حمى مفاجئة وآلام في العضلات والتهاب الحلق.
ثم يصاب المريض بالإقياء والإسهال، وفي بعض الحالات المتقدمة يكون هناك نزيف داخلي وخارجي.
ويصاب البشر بالمرض جراء الاتصال الشديد مع الحيوانات المصابة، منها قردة الشمبانزي ووطواط الفاكهة والظباء.
ويكون المصاب مصدر عدوى طالما كانت الدماء والإفرازات من جسده محملة بالفيروس، ويمكن أن يستمر هذا لأكثر من سبعة أسابيع قبل التعافي.
وتقول منظمة الصحة العالمية إن الوضع في البلاد "مثير للقلق" ولا يزال هناك "خطر كبير للغاية" لانتشار المرض بشكل أكبر.
وتمكنت البلاد من استخدام أدوات جديدة لم تكن متوفرة في حالات التفشي السابقة.
وقد تم إعطاء ما يقرب من 45 ألف شخص لقاح فيروس إيبولا، ولأول مرة يتم اختبار العديد من عقاقير الإيبولا التجريبية.
لكن الجهود المبذولة لاحتواء الفيروس تعوقها الصراعات في المنط
ويحظر الدليل الإرشادي الجديد للشبكة تصوير الأعضاء التناسلية أو مشاهد جنسية، بما في ذلك الرسوم التوضيحية.
وسيكون هناك استثناء للأعمال الفنية والاحتجاج السياسي باستخدام التعري.
وستوفر الشبكة أدوات للإبلاغ عن المحتوى المخالف، كما يمكن للمستخدمين طلب توضيح أو الاعتراض في حال حظر محتواهم.
لكن الكثير من المستخدمين هددوا بترك منصة "تمبلر"، وقاموا بنشر مدوناتهم في أماكن أخرى قبل حذفها.
كما اعترض البعض على مهلة الأسبوعين، التي أعلن الموقع عنها، واعتبروا أنها لا تكفي لمساعدتهم على تخزين ما نشروه سابقا.
قة، حيث نزح أكثر من مليون شخص من ديارهم وانتقل اللاجئون إلى البلدان المجاورة.
وصعبت الجماعات المسلحة من مهمة العاملين في مجال الرعاية الصحية للقيام بما يلزم لمواجهة تفشي المرض، بما في ذلك تعقب الأشخاص الذين قد يكونوا على اتصال مع الأفراد المصابين.
ويحاول مسؤولو الصحة أيضا التعامل مع ثلاث حالات منفصلة لتفشي شلل الأطفال، فضلا عن تفشي الكوليرا والملاريا.
وتستعد البلدان المجاورة للكونغو للحالات التي تنتشر عبر الحدود، وقد بدأت أوغندا بالفعل بتلقيح عمال الرعاية الصحية ومن المقرر أن يبدأ جنوب السودان كذلك حملة للتلقيح ضد الوباء.
عادت شبكة التواصل الاجتماعي "تمبلر" للظهور على متجر تطبيقات أبل بعد أن قررت حظر المحتوى الإباحيعلى منصتها.
وحذف متجر أبل تطبيق "تمبلر" في نوفمبر/تشرين الثاني الماضي بسبب نشر صور اعتداء على أطفال على المنصة.
وقالت "تمبلر" حينها إنها ستحظر أي محتوى مخصص للبالغين بداية من 17 ديسمبر/ كانون الأول.
وأثارت تلك الخطوة غضب العديد من المستخدمين، إذ قالوا إنهم يستخدمون منصة التواصل للإفصاح عن ميولهم الجنسية.
لكن جيف دونوفريو، الرئيس التنفيذي لشبكة "تمبلر"، رد قائلا إنه "لا يوجد نقص في مواقع الإنترنت التي تهتم بمحتوى البالغين".

 ويعد تفشي فيروس إيبولا في الكونغو الديمقراطية الآن ثاني أكبر حالة تفشي للوباء في التاريخ.

وتُظهر أحدث الأرقام أن هناك 515 حالة إصابة و303 حالة وفاة.
وتشخص منذ أكتوبر/تشرين الأول، إصابة حوالي 33 شخصا بالوباء كل أسبوع، إضافة لانتقال العدوى إلى الأطفال والنساء.

Monday, November 12, 2018

अमेरिका ने रोहिंग्या शरणार्थियों की सम्मानजनक वापसी की मांग की

मेरिका ने बांग्लादेश से रोहिंग्या शरणार्थियों की म्यामांर में स्वैच्छिक और सम्मानजनक वापसी की मांग करते हुए कहा कि ढाका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें तमाम गतिविधियों की स्वतंत्रता हो और वे ‘शिविरों तक ही सीमित ना रहें।’ ढाका और ने पी तौ के बीच पिछले महीने लाखों रोहिंग्या मुस्लिमों की मध्य नवंबर में देश वापसी पर सहमति बनी थी। 
यह रोहिंग्या शरणार्थी म्यामांर सेना के चलाए गए अभियान के बाद देश छोड़कर बांग्लादेश चले गए थे। समझौते के तहत पहले जत्थे में बांग्लादेश से 2,000 रोहिंग्या मुसलमान म्यांमा जाएंगे। इसके बाद दूसरा जत्था रवाना होगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि हमने दोनों सरकारों के उच्च स्तर के अधिकारियों को समय से पहले वापसी को लेकर अपनी गंभीर चिंताओं से अवगत करा दिया है। 

इस बात पर जोर दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय परिपाटी के अनुरूप स्वैच्छिक, सुरक्षित, और सम्मानित तरीके से वापसी हो। इसके अलावा म्यामां वापसी के बाद उन्हें तमाम गतिविधियों की आजादी हो और वे शिविरों तक ही सीमित ना रहें। साथ ही, विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र में शरणार्थियों के उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के उस आकलन से भी सहमत है, जिसमें कहा गया है कि रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी के लिए म्यामां में स्थिति अभी पूरी तरह अनुकूल नहीं है।प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने कहा कि उसने पहले ही अपीलों को जनवरी में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध कर दिया है।

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से शीघ्र सुनवाई के संबंध में अधिवक्ता बरूण कुमार के अनुरोध को खारिज करते हुए पीठ ने कहा, 'हमने आदेश पहले ही दे दिया है। अपील पर जनवरी में सुनवाई होगी। अनुमति ठुकराई जाती है।'

बता दें इससे पहले अयोध्या राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी थी और कहा था कि मामले पर नियमित सुनवाई पर फैसला भी अब जनवरी में ही होगा।

मामले पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरुल हसन रिजवी का कहना है कि विवादित स्थान पर राम मंदिर बनना चाहिए ताकि देश का मुसलमान सुकून, सुरक्षा और सम्मान के साथ रह सके। उन्होंने आगे कहा कि देश में शांति र भाईचारा मजबूत हो सके इसके लिए कोर्ट को जल्द फैसला करना चाहिए।

गौरतलब है कि अयोध्या मामले पर कुछ मुस्लिम संगठनों ने आयोग को एप्लीकेशन दी है। साथ ही इस मामले में आयोग से पहल करने की भी मांग की है। इन एप्लीकेशन पर आयोग 14 नवंबर को होने वाली मासिक बैठक में विचार करेगा। जिसके बाद आयोग सुप्रीम कोर्ट से मामले पर जल्द सुनवाई करने को भी कहेगा।

Tuesday, October 16, 2018

洪都拉斯——对环保人士而言最危险的国家

洪都拉斯环保人士卡塞雷斯女士3月3日在自己的家里中枪身亡,她的遇害不仅仅是个体生命的逝去,也突显了中美环境活动人士和新闻记者所面临的日益加剧的风险,令人不寒而栗。

卡塞雷斯在1993年共同创立了“洪都拉斯原住人民委员会”。她于本月3日凌晨1点被闯入家中的抢手杀害。

在她去世前一个星期,卡塞雷斯就因反对在瓜尔克切尔河上的水电工程,遭到谋杀和强奸的威胁。

42岁的卡塞雷斯以捍卫原住地,支持原住民抵制非法砍伐和种植园主为职业。

在她职业生涯的后期,卡塞雷斯将重心放在了抵制大坝项目上。在兰卡族原住民聚居的圣河瓜尔克切尔河上,原计划要建造四座大坝。她的努力最终迫使中国水利水电建设集团和国际金融公司这两家企业从该项目中撤出,她因此在2015年获得了旨在表彰基层环保人士的高德曼环境奖。

她的遇害只是洪都拉斯乃至整个中美洲一连串令人震惊的记者和活动家遇袭事件的一小部分。

门对自然资源开发项目进行调查的非政府组织全球见证说,洪都拉斯已成为凶杀案的中心。

球见证组织网站上有这样一份声明:“对环保人士来说,在过去五年中,洪都拉斯是最危险的国家。在2010年到2014年间,洪都拉斯先后有101名环保人士被杀害。”

洪都拉斯大众和原住民组织民间委员会( ) 协调员丽莎·维尼克莱森在回应贝尔塔谋杀案时说:“她是一位非同寻常的原住民女权主义活动家、 环境卫士和社区领袖。她的逝去让我们感到窒息,心中无比愤慨。

“不仅仅是洪都拉斯政府,还有国际社会,尤其是美国政府,应调动足够的资源,给予这一罪行足够的重视,表明立场并发挥他们对这个国家的影响力。”
 她补充说。

近年来,随着中美洲地区暴力和动荡的不断升级,正义的呼声日益高涨。​

贫困和政治腐败严重的国家,越来越多的环保人士受到暴力攻击,这与跨国公司以及国内开发商开发珍稀自然资源有着极为密切的关系。

球见证组织说道,非法砍伐猖獗,不仅会导致急需的收入流失,还会造成环境破坏和社会动乱。

洪都拉斯是拉美第三穷国,森林资源丰富。自 年政变以来,政治压迫更为深重,不安全因素大为增加。之后,国家机构职能弱化,对居住在这片土地上的原住民群体的保护力度也相应减弱。

部设在华盛顿的 人权组织一份声明说:“从支持 公司第二次试图在里奥盖尔喀克建设‘阿瓜扎克’水电工程就可以看出,洪都拉斯政府对发生在里约布兰科和因蒂布卡省北部兰卡社区的侵犯人权事件,采取的是一种默许和沆瀣一气的态度。”

如今,中国是世界上最大的水坝建设国。中国水利水电建设集团既是中国国内水利发电项目最大的承包商,也是中国开辟海外大坝市场的先锋。该集团的海外投资项目已超过122项,其中包括甘再水电站(柬埔寨)和南欧水电站(老挝),并为麦罗维水电站(苏丹)科卡科多·辛克雷水电站(厄瓜多尔)等项目提供相应设备。

Wednesday, October 10, 2018

帕特里夏将出任联合国首席气候官员

两会之后,环保部的内部结构终于调整为以水、土壤、大气这几大环境要素为核心的管理体制。在国合会( )等智囊机构呼吁建议了多年之后,这一设想在环保部长陈吉宁上任一年后终于得以实现。这不仅是环保部内部机构职能管理调整改革的里程碑事件,也为今后中国的以环境质量为导向的环境为什么以环境要素为核心的管理这么重要?之前的环保部内部管理体制可谓是七零八落,九龙治水。

以水环境管理为例,不仅涉及到污染防治司的饮用水处、流域处、海洋处的职能,还涉及到污染物总量控制司的水总量处、统计处的职能,两个司的职能严重交叉重叠。此外,水环境规划还涉及到规划司规划处的职能;与水相关的法律法规涉及到政策法规司的法规处职能;与水有关的科技标准涉及到科技司的技术处、标准处、健康处的职能;水环境监测涉及到环境监测司环境治理检测处、污染源监测处的职能等等。环保部内部对水的管理复杂程度不逊于部委之间的九龙治水问题。大气、土壤也存在同样的问题。改革后的体制,以环境要素为核心的管理则理顺了这种关系。《水污染防治法》、《水十条》等法规政策以后就由环保部水司这一个部门牵头负责贯彻落实,其它横向部门只提供辅助性支持。

以水、土、气环境要素为核心的管理,是否会削弱生态系统的完整性和要素之间的相互协调性?也有人为此担心,认为水、土、气都是生态系统的重要环境要素,如此人为地把环境要素分开管理可能破坏了生态系统的完整性。还有人担心此次机构职能调整后,水、土、气要素之间的相互协调会出现问题,部门之


间各自为政,让企业无所适从。事实上,水、土、气虽然都是生态系统的重要组成部分,但又是相对地相互独立的环境要素。本次改革改的是有关水、土、气政策法律法规的制定与实施,而非对企业的具体环境监管。在企业层面的环境监管是由地方环境执法监察队伍实施的,此次改革既不涉及国家层面的环境监察局的改革,更不涉及到地方环境监察执法队伍的改革,不会出现到企业只查水而不管土,或者只查气而不查水的情况。只不过是把过去从污染防治司内协调升级为部内协调而已。

环保部内部机构职能调整是否已完全到位了?此次设置水、土、气司是非常重要的机构改革步骤,今后的环保部内部机构职能改革还需要继续深化。建议在目前以水、土壤、大气司的基础上,继续强化以环境要素为核心的一条龙纵向管理,同时调减、压缩、弱化横向职能部门。为了建立现代环境治理体系,需要学习


美国等国际先进经验,应当进一步打散传统的条块分割管理,将其它司、处的相关职能也都划分到水、土壤、大气司里面,包括:科技司中的水、土、气标准制定的职能等;政策法规司中的《水污染防治法》、《大气污染防治法》、《土壤污染防治法》核心内容起草的职能等;规划司中的水、土、气专项规划的职能等。

环保部内部机构职能管理调整、环保系统管理体制改革还有很多工作要做。我们期待着陈吉宁部长能够继续改革,在充分学习国际先进经验与避免教训的基础上,探索出中国特色的环境管理新道路。管理奠定了更科学的管理基础。

Friday, September 14, 2018

एनआरसी की मांग का माहौल

जेपी एनआरसी के मुद्दे को गरमाने के लिए कई तरकीबें अपना सकती है. मेघालय के राज्यपाल ने केंद्र को पत्र लिखकर माँग की है कि वहाँ भी नागरिकों का रजिस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाए.
ये कवायद वह अपने शासन वाले तमाम राज्यों से करवाकर ऐसा माहौल बनवा सकती है कि पूरा देश ही एनआरसी चाहता है.लाँकि असम में जो कुछ हो रहा है वह 1985 में हुए असम समझौते के आधार पर हो रहा है. उसमें 1971 के बाद आए बांग्लादेशियों को वापस भेजने का वादा किया गया था.
ऐसा समझौता किसी और राज्य में नहीं हुआ है. मगर बीजेपी को इससे क्या फ़र्क पड़ता है. वह तो राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर नया अभियान छेड़ सकती है.
मुश्किल ये है कि एनआरसी के मुद्दे पर उससे भिड़ने के लिए कोई राजनीतिक दल तैयार नहीं है.
काँग्रेस खुद फँसी हुई है. उस पर तो पहले से ही आरोप लगाए जाते रहे हैं कि असम में बांग्लादेशियों की बढ़ती तादाद के लिए वही ज़िम्मेदार है. उसने वोट बैंक के लिए उन्हें आने दिया.
हालाँकि ये आंशिक तौर पर ही सच हो सकता है. बांग्लादेशियों के आने और बसने की वज़हें बहुत सारी हैं. उनमें ग़रीबी, बेरोज़गारी और उत्पीड़न प्रमुख हैं.
असम काँग्रेस नहीं चाहती कि वह विदेशियों का बचाव करते हुए नज़र आए. यही हाल केंद्रीय नेतृत्व का है. इसलिए वे बहुत संभलकर अपने पत्ते चल रही हैं. ऐसे में बीजेपी को खुलकर खेलने का मौक़ा मिल रहा है.
वैसे ये ज़रूरी नहीं है कि असम जैसा रिस्पाॉन्स उसे शेष भारत में भी मिले. बाक़ी देश में ये कोई बड़ी समस्या नहीं है. अलबत्ता ये ख़तरा ज़रूर है कि अगर बंगाल और कुछेक राज्यों में हिंसा का दौर शुरू हो जाए और लोग उससे बिदकने लगें.
ताज महल की बद से बदतर होती हालत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को आखिरकार इतना कड़ा रुख अपनाना पड़ा था.
और, 17वीं सदी की इस बेशक़ीमती धरोहर को बचाने के लिए अदालत ने मामले की नियमित सुनवाई शुरू कर दी की है. तो सवाल उठता है कि क्या दुनिया की अज़ीम-ओ-शान इमारत ख़तरे में है? क्या ये ख़तरा बढ़ता ही जा रहा है? क्या एक दिन ऐसा भी आ सकता है कि ताज महल गिर जाएगा या ज़मींदोज़ हो जाएगा?
ये सवाल खड़ा हो रहा है ताज महल और उसके आस पास बढ़ रहे वायु और जल प्रदूषण की वजह से.
हालात कुछ यूं हो गए हैं कि ताज महल में लगा संग-ए-मरमर बदरंग हो रहा है. हालाँकि इसके निर्माण में बादशाह शाहजहाँ ने राजस्थान के सबसे महंगे संग-ए-मरमर का इस्तेमाल किया था जिसे मकराना से लाया गया था. इस संग-ए-मरमर की खासियत यह है ये सुबह के वक़्त गुलाबी नज़र आता है, दोपहर के वक़्त सफ़ेद और शाम ढलते ही एकदम दूधिया.
मगर बढ़ते प्रदूषण ने सब कुछ बदलकर रख दिया है, इमारत की रौनक़ फीकी पड़ती जा रही है.
इसकी नींव कमज़ोर होती जा रही है और शाहजहाँ के वक़्त से ही बसा हुआ ताजगंज का इलाक़ा भी अब ख़तरे में आ गया है.
ताज महल में जगह-जगह दरारें पड़ने लगीं हैं जो अब गहराती जा रही हैं. जगह-जगह मीनारों के ऊपरी हिस्से भी टूटने के कगार पर हैं और जो प्रयास इन दरारों को भरने के लिए हो रहे हैं वो भी नाकाफ़ी हैं.
दो दशकों से भी ज़्यादा से ताज महल की देखरेख करने वाले पुरातत्व विभाग से सेवानिवृत आर के दीक्षित कहते हैं: "प्रदूषण से ताज महल को सबसे बड़ा ख़तरा है. चाहे वो वायु प्रदूषण हो या जल प्रदूषण. यही कारण है कि इस इमारत में कई जगहों पर दरारें पड़ने लगीं हैं." यावरणविदों और पुरातत्व वैज्ञानिकों ने सरकार और सुप्रीम कोर्ट को आगाह किया है कि ताज महल को संरक्षित करने की कार्रवाई अगर युद्ध स्तर पर नहीं की गई तो ये ‘मुहब्बत की निशानी’ कभी भी दरक सकती है या फिर गिर भी सकती है.
पर्यावरणविदों को यह भी अंदेशा है कि प्रदूषण की मार झेल रही ये एतिहासिक इमारत कहीं सिर्फ़ तस्वीरों में ही न रह जाए. निया के सात अजूबों में गिने जाने वाले, यूनेस्को की 'वर्ल्ड हेरिटेज' इमारत के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह चुके हैं कि ताज महल भारत की विरासत का हिस्सा नहीं है. योगी की ये बात भी चिंता पैदा करने वाली है कि उनके नेतृत्व में चलने वाली उत्तर प्रदेश सरकार ताज के संरक्षण को कितनी गंभीरता से लेगी? ‘यूनेस्को’ हर दो साल में इस सूची की समीक्षा करती है.
दशकों से आगरा और उसके आसपास के कल-कारखानों से निकलने वाला धुआं, धूल और यमुना नदी के नाले में तब्दील हो जाने की वजह से ताज के भविष्य पर ही सवाल उठ रहे हैं.
ये सब कुछ अचानक नहीं हुआ. इस इमारत पर प्रदूषण का पहला हमला तब हुआ जब 'इंडियन ऑयल कार्पोरेशन' ने मथुरा में अपनी 'रिफाइनरी' की शुरुआत की थी. ये बात 70 के दशक की है. 'रिफाइनरी' के धुंए का सीधा असर ताज महल पर पड़ने लगा.
फिर वर्ष 1982 में 'ताज ट्रेपेजियम ज़ोन' का निर्माण हुआ जो 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. आगरा और ख़ास तौर पर ताज महल के आस-पास से प्रदूषण फैलाने वाले सभी उद्योगों को बंद करने का आदेश दिया गया. 'ताज तेपेजियम ज़ोन' में सिर्फ़ उन्ही उद्योगों को लगाने की अनुमति दी गई जो प्रदूषण नहीं फैलाते थे.
मगर हालात तब भी नहीं सुधरे और वर्ष 1984 में जाने-माने पर्यावरणवादी वकील एमसी मेहता ने उच्च न्यायलय में याचिका दायर की थी. फिर वो सुप्रीम कोर्ट चले गए. सुप्रीम कोर्ट ने कई एजेंसियों से सर्वेक्षण कराकर रिपोर्ट मंगवाई और फिर 1996 में आया सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला जिसके तहत आगरा शहर में डीज़ल के वाहनों और मशीनों पर प्रतिबन्ध का आदेश हुआ.
यमुना में जानवरों को नहलाने और लॉन्ड्री के कपड़े धोने पर प्रतिबंध लगाया गया. चमड़े की 'टैनरी' को हटाने के निर्देश दिए गए और तमाम उद्योगों को कहा गया कि वो गैस पर आधारित मशीनों का ही प्रयोग करें. कोयले का इस्तेमाल भी बंद किया गया.

Thursday, September 6, 2018

太阳不是全球变暖的原因

据《科学》杂志报道,两位北美科学家提出一个具有争议性的假说,认为太阳并不会对全球气候变暖造成影响。过往认为增加的太阳活动导致宇宙射线变化,从而减少了云量;而减少的云层又让更多阳光到达地球,造成地球温暖。他们对此假设进行了实验,结论是:变化过小,对气候影响微不足道。

卡内基梅隆大学的彼得亚当斯和达尔豪斯大学杰夫皮尔斯开发了一个模型,利用该模型测试太阳是否造成全球气候变暖。目前大多数科学家认同,温室气体是全球变暖的罪魁祸首。而一些气候变化怀疑者试图利用模型证明,这个假设未必成立。

《地球物理研究快报》刊登了这份研究。亚当斯和皮尔斯称,对第一大气的模拟显示,大气离子和粒子形式的变化造成了太阳和宇宙射线转变。他们发现,云层颗粒物浓 度的变化对气候变化的影响不及其对云层影响的百分之一。虽然他们同时承认,该过程非常复杂,没有一种计算机能将此模拟的准确无误。

“ 直到现在,这一假说的主张者仍可以声称太阳可能会造成全球变暖,因为没有人拥有真正达到测试要求的计算机模型。 ”亚当斯指出, “该假说最基本的概念是太阳能的变化可能使大气中新粒子形成率降低30 % 。此外,这些粒子非常小,需要成长到足够大才可影响云层,而大部分根本无法存活到那个时候。“
据英国《卫报》报道, 为了阻碍对巴拉克•奥巴马总统绿色能源计划的支持,美国煤炭、石油和天然气工业将游说预算提高了50%。在过去的一个季度里,关键策划者已经花费了44.5百万美元。他们的目的在于削弱甚至是扼杀致力于限制温室气体排放的“总量管制和排放交易”计划。

 考虑到其他国家在将于12月在哥本哈根召开的联合国气候变化会议之前依靠美国来引领减少气体排放,这项提议如果失败将会产生全球性的影响。假如提议失败,后《京都协议书》气候变化计划(2012年后减排计划)的强劲性和可行性就会大大降低。

温室气体排放与全球变暖息息相关,美国是温室气体人均排放量最大的国家。上述高风险加紧了对美国能源未来控制权的争夺。总统竞选媒体分析集团的发起者埃文•特雷西对《卫报》说,“大量的人因此得到了很多,也失去了很多,他们已经采取了相应的行动。”

气候变化立法的支持者认为他们对化石燃料利益的争夺大大超支。据传闻,该行业今年将要花费数亿美元用于游说者,广告,对关键立委的捐赠以及其他活动。

尽管此提议的全球意义重大,“总量管制和排放交易”法草案的命运却只掌握在几个美国民主党国会议院的手上。就权力平衡来说,他们尚未能支持奥巴马的能源改革计划。

Tuesday, September 4, 2018

इंडिया vs इंग्लैंड: हाथी निकल गया मगर दुम रह गई


ट्रेंट ब्रिज में मैच के चौथे दिन अगर सबसे ज्यादा किसी को याद रखा जाएगा तो वो हैं आदिल राशिद.9वें नंबर पर बैटिंग करने आए राशिद मैच को पांचवें दिन तक ले गए. 55 गेंदों पर 30 रन बनाकर ये खिलाड़ी नाबाद रहा. साथ में जेम्स एंडरसन भी हैं. इंडिया के लिहाज से ये वो कहावत है कि हाथी निकल गया मगर दुम रह गई. मगर मैच कौ चौथा दिन दो और लोगों लोगों के नाम रहा. पहला जोस बटलर और दूसरा जसप्रीत बुमराह.  बटलर ने इंडिया की जीत को शाम तक टाला जिसे राशिद ने अगले दिन तक खींच लिया. मगर जसप्रीत बुमराह के 5 विकेट को भी याद रखने की जरूरत है.
इंग्लैंड के चार विकेट 62 के स्कोर पर दिन के पहले ही सेशन में गिर गए थे. मगर यहां एंट्री जोस बटलर और बेन स्टोक्स ही हुई और दोनों ऐसे टिके कि मैच को आखिरी सेशन तक ले गए. बटलर ने शानदार 106 रन मारे और इस दौरान 21 चौके भी जड़े. एक वक्त तक लगता रहा कि ये मैच इंग्लैंड ड्रॉ की तरफ ले जा सकता है क्योंकि बटलर के साथ बेन स्टोक्स भी टिक गए थे. ये बटलर का पहला टेस्ट शतक है जो उस वक्त आया जिसकी टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी. वहीं स्टोक्स ने भी 62 रन बनाए. अभी इंग्लैंड का स्कोर 311/9 है.
यहां आखिरी सेशन में जब नई बॉल आई. कोहली ने गेंद दी बुमराह को. जसप्रीत बुमराह ने क्या शानदार ओवर फेंका. बटलर को एलबीडब्ल्यू किया. यहां से मैच पूरी तरह पलट गया. इन दोनों के बीच 169 रनों की साझेदारी हो गई थी. मगर अगली ही गेंद पर जेम्स बेयरस्टो को बुमराह ने बोल्ड मारा. इसके बाद एक ओवर छोड़ कर क्रिस वोक्स को ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट करवा दिया. इंग्लैंड का अगला विकेट भी गिर ही गया था और बुमराह ने पारी में 5 विकेट लेने की बधाइयां भी ले लीं थी. मगर ये नो बॉल निकली. बुमराह का पैर लाइन से एक सेंटीमीटर के करीब बाहर था. मगर जब स्टुअर्ट ब्रॉर्ड और आदिल राशिद की 50 से ज्यादा रनों की पार्टनरशिप हो गई तो भी बुमराह ही वापस आए और ब्रॉर्ड को आउट कर इंग्लैंड का नौवां विकेट गिराया. यहां बुमराह ने 5 विकेट पूरे किए.
चौथे दिन जसप्रीत बुमराह का ये स्पेल हार्दिक पंड्या के दूसरे दिन के स्पेल जैसा था. बुमराह ने नई गेंद से फुर्ती में विकेट निकाले जिसकी टीम को जरूरत थी. बुमराह का ये लगातार दूसरा 5 विकेट हॉल है. पिछला साउथ अफ्रीका के खिलाफ इसी साल लिया था. अब पांचवें दिन टीम इंडिया सिर्फ एक विकेट लेने के लिए मैदान पर उतरेगी.शेखर कपूर ने बीते दिनों एक वृद्धा की तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए ऐसा लिखा. एक नज़र देखकर लगता है कि कौन ये औरत और इसके पास कोई स्टार क्यों जाएगा. क्या वो कोई सिद्ध औरत है, कोई ज्योतिषी या कोई गुड लक लाने वाली औरत है? असल में नहीं. ये महज एक चाय वाली है. जिसका छोटा सा खोखा देखकर लगता है कि उसके पास उतने पैसे भी नहीं होंगे जितने किसी मशहूर चाय वाले के पास होते हैं.
शेखर कपूर ने ट्वीट में लिखा कि ये औरत 100 साल की है. और जाने कबसे चाय पिला रही है. यहां तक कि उन्होंने नेहरू को भी चाय पिलाई है. एक ऐसा वाकया जिसे याद करते हए हरदी बाई की आंखें चमक उठती हैं.
हरदी बाई रैकवार खजूराहो के पश्चिमी मंदिर समूह के पास एसबीआई बैंक के सामने झोपड़ी बनाकर रहती हैं. कई साल पहले इनके पति की मौत हो गई थी. जिसके बाद इनके पास कमाई का कोई जरिया नहीं था. तो इन्होंने वहीं पे चाय कि दुकान खोल ली. शेखर कपूर और जैकी श्रॉफ की मानें तो आज भी इनके हाथों में जादू है. इनके हाथों की चाय कि लज्ज़त ही और है!
कहते हैं मुंबई संघर्षों का शहर है. यहां जितने सपने सच होते हैं, उसके सौ गुना रोज मरते हैं. ये आश्चर्य की बात नहीं कि सालों-साल इंडस्ट्री में मेहनत कर स्टार बनने वाले एक सादगी से भरी 100 साल की बुढ़िया के पास मन की राहत पाते हैं.




Thursday, August 30, 2018

能源产业用水需求恐引发全球危机

世界水周”论坛于本周在斯德哥尔摩开幕,与会专家发出警告:未来,水资源和能源之间的供需关系有可能引发全球危机,但各国还没有充分认识到问题的严重性,中国尤其如此。

全球日益增长的能源需求推动用水量不断增加。预计到2035年,能源消耗将增长35%,相应推动用水量增长85%。
“预测显示,对水资源的需求将在未来几十年里大幅增加,能源生产则是其主要用途之一”,“世界水周”论坛主办方斯德哥尔摩国际水资源研究所执行董事托里尼·霍姆格伦如是说。

水资源和能源供给关系紧密结合。水资源短缺将在短时间内引发能源危机,反之亦然。例如,2011年严重的干旱迫使长江流域一带一千多个大坝停止运行,造成了大规模电力短缺。

但二者之间的联系远不止于此。几乎所有的能源生产都需要用水,提取、净化和分配水也都离不开使用能源。
 
能源和水资源的冲突在中国尤其突出,这是因为其能源开发用水和使用水资源所消耗的能源数量庞大,且不断增长。

水资源会推动经济发展,水资源日益短缺则威胁到了中国的能源生产和经济发展。众所周知,中国对耗水量极大的煤炭产业十分依赖,其中70%的燃煤电厂都位于干旱的北方地区,目前近一半的电厂遭受水资源短缺的威胁。

天然气、核能和水力等可替代煤炭的能源也受到水资源的限制。核电站需要大量的水进行冷却;几乎所有页岩气储量丰富的地区(如西北地区的塔里木盆地),水资源的供应都很有限;虽然是全球最大的太阳能市场及全球领先的太阳能产品制造商,但制造产品部件和清洗电池板同样对水有需求。

很少为人所知的是,使用水资源所消耗的能源正在迅速增加。诸如南水北调工程、渤海湾管道引水工程这样的大型调水项目都需要大量的能源做后盾。以南水北调东线为例,这里每年要消耗上百万吨的煤炭用于发电调水,给水资源短缺带来进一步的压力。

海水淡化是能源和水资源冲突的又一实例。目前,中国正努力提高海水淡化能力,计划将日淡化能力从60万吨提高到2020年的250万吨到300万吨。相比较于其他处理措施,海水淡化的单位水能耗要高出10倍。中国东部沿海地区正在建设一批海水净化厂,为缺水地区的燃煤电厂提供用水,而这又将推动煤炭能源的进一步增长。

再加上政府计划到2020年实现2.7亿农村人口落户城镇,这就意味着在未来的20年里,政府需要在城市能源和水资源领域投入大量资金。

中国的能源和水资源危机也影响到了周边邻国。中国在澜沧江和雅鲁藏布江等国际河流上修建大坝的行为可能会造成与邻国的摩擦;中国与中亚的能源贸易也可能威胁到地区稳定。

其他的国家也面临着同样的挑战。也门政府正绞尽脑汁寻找充足的能源进行海水淡化,来满足国内的用水需求。印度政府为农民免费提供抽取地下水所需的柴油。该政策赢得了群众的支持,但代价却是北部地区的含水层被抽取殆尽。

发达国家也难逃困局。美国加州是水能源危机的典型代表,目前正遭受史上最严重的干旱。为确保城市中心用水和农业灌溉用水,加州需要从几百英里以外的地方引水,途中还要翻过两座山。

今年的“世界水周”论坛重点关注水资源和能源的联系()。与会专家一致呼吁提高水资源的使用效率、加强部门间的合作。托里尼·霍姆格伦表示,“未来十年,‘水资源利用效率’将成为解决水资源问题的关键,我们应当将这个概念运用到日常的生活中去。”

为解决水资源和能源的冲突,很少有国家把数据收集和政策制定放在首位考虑的地位。来自荷兰水足迹网络的亚历山德拉·弗雷塔斯表示,计算能源开发用水的水足迹和使用水资源消耗能源的能源足迹,可以帮助政策制定者理解能源和水资源相互依存的关系,做好权衡取舍。
 
尼泊尔前能源与水资源部部长迪帕克·吉亚瓦利表示:“能源足迹和水足迹的概念是一个强有力的工具,如果非政府组织和社会积极人士能够充分利用它,那么它就有了催动变革的巨大潜力。否则,它就不会受到关注。”

Tuesday, August 28, 2018

सुब्रमण्यम स्वामी के कारण भारत मालदीव में बढ़ी टेंशन?

मालदीव के स्थानीय मीडिया के अनुसार वहां के भारतीय राजदूत अखिलेश मिश्रा को समन भेजा गया है.
मालदीव के स्थानीय मीडिया का कहना है कि मालदीव के विदेश मंत्रालय ने मिश्रा को बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के एक ट्वीट को लेकर समन भेजा है.
स्वामी ने 24 अगस्त को एक ट्वीट कर कहा था कि 23 सितंबर को मालदीव में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अगर धांधली होती है तो भारत को हमला कर देना चाहिए.
स्वामी ने ये बात श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद से मुलाक़ात के बाद कही थी.
मोहम्मद नशीद निर्वासित जीवन जी रहे हैं.
नशीद ने स्वामी से मालदीव में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में धांधली की बात कही थी.
स्वामी के इस ट्वीट से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.
हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस ट्वीट पर स्पष्टीकरण भी दे चुके हैं. उन्होंने कहा है कि स्वामी का ट्वीट उनकी निजी सोच है और इस ट्वीट को भारत सरकार की आधिकारिक राय से नहीं जोड़ना चाहिए.
हालांकि जब विवाद बढ़ा, तो स्वामी ने दो दिन बाद एक ट्वीट कर सफ़ाई भी दी. उन्होंने 26 अगस्त को किए एक ट्वीट में लिखा है, ''मालदीव की वर्तमान सरकार मेरे 'अगर मगर' वाले बयान से परेशान क्यों है. मालदीव में रह रहे भारतीय पहले से ही डरे हुए हैं. हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा करनी है.''
स्वामी के इस ट्वीट को मालदीव में हाथों-हाथ लिया गया. मालदीव की वर्तमान सरकार चीन के क़रीब मानी जाती है और ये भी कहा जाता है कि भारत से इस सरकार के रिश्ते अच्छे नहीं हैं.
ऐसे में स्वामी का ट्वीट आग की तरह फैला.
मालदीव की स्थानीय भाषा धिवेही के अख़ाबार मिहारू में ख़बर छपी है कि मालदीव के विदेश सचिव अहमद सरीर ने भारतीय राजदूत अखिलेश मिश्रा को बुलाकर सवाल-जवाब किया है.
हालांकि अंग्रेज़ी अख़बार मालदीव इंडिपेंडेंट से मालदीव के विदेश मंत्रालय की राजनीतिक निदेशक हीना वलीद ने कहा है कि उन्हें अभी तक समन भेजने की सूचना नहीं मिली है.
हीना वलीद ने कहा है कि भारतीय राजदूत अखिलेश मिश्रा रविवार को विदेश मंत्रालय गए थे. उन्होंने कहा कि मिश्रा ने विदेश मंत्री डॉ मोहम्मद असीम और सात अन्य राजनयिकों से बातचीत की थी.
माले में भारतीय दूतावास की प्रेस अधिकारी अर्चना नायर ने भी मालदीव इंड़िपेंडेंट से कहा है कि उन्हें समन की जानकारी नहीं है और वो स्थानीय मीडिया के आधार पर कुछ कह नहीं सकतीं.
मालदीव के इस्लामिक गुट जमीयातुल सलफ़ ने स्वामी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. इस गुट ने मोहम्मद नशीद पर निशाना साधते हुए कहा है कि अपने ही देश के नेता हमले के लिए उकसा रहे हैं.
इस समूह ने एक बयान में कहा है, ''हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि एक स्वतंत्र और संप्रभु इस्लामिक राष्ट्र को अपने ही लोगों द्वारा दुश्मनों के साथ मिलकर ख़तरे में डालना शरिया में बड़ा पाप है.''
पिछले कुछ सालों में भारत और मालदीव के रिश्ते बहुत ख़राब हुए हैं. जो मालदीव कभी भारत के क़रीब हुआ करता था अब चीन के पाले में है. भारत और मालदीव के रिश्तों में इस साल सबसे ज़्यादा कड़वाहट आई है.
इसकी शुरुआत मालदीव के सुप्रीम कोर्ट के एक फ़रवरी के फ़ैसले से हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला दिया था कि राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने विपक्ष के नेताओं को क़ैद करवाकर संविधान और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है.
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि सरकार पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद समेत सभी विपक्षी नेताओं को रिहा करे. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने मानने से इनकार कर दिया.
इसके साथ ही यामीन ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी. यह आपातकाल 45 दिनों तक चला. भारत ने इस आपातकाल का विरोध किया था. भारत ने कहा था कि मालदीव में सभी संवैधानिक संस्थाओं को बहाल करना चाहिए और आपातकाल को तत्काल ख़त्म करना चाहिए.
मालदीव में नाटकीय राजनीतिक संकट भारत को परेशान करने वाला था. इसी संकट के बीच यामीन ने चीन, पाकिस्तान और सऊदी अरब में अपने दूत भेजे. इसके बाद चीन ने चेतावनी दी कि मालदीव के आंतरिक मामले में किसी भी देश को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसमें रचनात्मक भूमिका अदा करे.
चीन ने कहा था कि किसी भी सूरत में मालदीव की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. दूसरी तरफ़ मालदीव के विपक्षी नेता नशीद चाहते थे कि भारत मदद करे.
वो भारत से सैन्य हस्तक्षेप की भी उम्मीद कर रहे थे ताकि जजों को हिरासत से मुक्त कराया जा सके. नाशीद ने अमरीका से भी मदद की गुहार लगाई.
इस गतिरोध के बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक चीनी न्यूज़ वेबसाइट के हवाले से बताया कि चीन के दो युद्धपोत मालदीव पहुंच गए हैं. भारतीय नेवी ने भी इस बात की पुष्टि की कि चीनी युद्धपोत सुंदा और लोंबोक जलडमरुमध्य से आगे बढ़ रहे हैं.